The basic charts, trends, support, resistance
The basic charts, trends, support, resistance

English Indonesia Português Tiếng Việt العربية ไทย

तकनीकी विश्लेषण ट्रेडरों के लिए एक मूल कौशल है जो ट्रेंड, पुलबैक, रिवर्सल और अन्य मूल्य गतिविधि प्रकारों को भुनाने की कोशिश करता है। यह लेख Olymp Trade प्लेटफार्म पर ट्रेडिंग करते समय तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करने का एक दृष्टिकोण प्रदान करता है।

तकनीकी विश्लेषण क्या है?

तकनीकी विश्लेषण चार्ट आंकड़ों का उपयोग करने का अभ्यास है यह निर्धारित करने के लिए कि किस दिशा में कीमतें बढ़ने की संभावना है। मूल्य गतिविधि के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करने में मदद करने हेतु ट्रेडर्स टूल और विशिष्ट चार्ट का उपयोग करते हैं।

हमारा लेख, आधारभूत बनाम तकनीकी विश्लेषण: अंतर को समझना दो प्रकार के विश्लेषण की बारीकियों को समझाता है और तकनीकी विश्लेषण के लिए एक सार्थक परिचय है।

रजिस्टर Olymp Trade और निशुल्क $ 10,000 प्राप्त करें Newbies के लिए $ 10,000 मुफ्त पाएं

चार्ट पढ़ना

तकनीकी विश्लेषण का उपयोग मूल्य चार्ट की बुनियादी समझ से शुरू होता है। प्लेटफ़ॉर्म पर चार प्रकार के चार्ट हैं; क्षेत्र, बार्स, हाइकेन आइशी, और सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला जापानी कैंडलस्टिक्स।

Forex ट्रेडर्स जितनी जल्दी हो सके जानकारी चाहते हैं और इसे प्रकट करने के लिए जापानी कैंडलस्टिक्स पर निर्भर रहते हैं। हालांकि बार और हाइकेन आइशी चार्ट समान विवरण प्रदर्शित करते हैं, लेकिन वे ट्रेडरों के बीच कम लोकप्रिय हैं।

A Beginner’s Guide to Technical Analysis. The Basics – Charts, Trends, Support & Resistance

एक चार्ट किसी परिसंपत्ति की पिछली और वर्तमान मूल्य गतिविधि को दर्शाता है। ऊपर दिए गए Amazon दैनिक चार्ट को देखते हुए, आप देख सकते हैं कि एक ट्रेडिंग दिवस में अमेज़ॅन के स्टॉक की कीमत में कितनी गतिविधि हुईं। प्रत्येक कैंडल एक पूरे व्यापारिक दिन का प्रतिनिधित्व करती है। कैंडल स्टिक्स समयावधि के साथ अनुरूप होते हैं। इसलिए पांच मिनट के चार्ट पर, हर पांच मिनट में एक नया कैंडलस्टिक बनाया जाएगा।

A Beginner’s Guide to Technical Analysis. The Basics - Charts, Trends, Support & Resistance
A Beginner’s Guide to Technical Analysis. The Basics – Charts, Trends, Support & Resistance

प्रत्येक कैंडलस्टिक चार चीजों को दर्शाता है – उच्च, निम्न, खुला (ओपन) और बंद (क्लोज)।

शरीर और विक्स प्रत्येक कैंडलस्टिक को बनाते हैं। कैंडलस्टिक पर नज़र डालें, आप एक अवधी में एक परिसम्पत्ती की उच्चतम और निम्नतम मूल्य देख सकते हैं, जिसे विक्स के छोर से दर्शाया गया है। समय अवधि शुरू होने और बंद होने के समय में कीमत कहाँ अवस्थित थी यह ओपन और क्लोज दर्शाता है, उनके बीच का क्षेत्र शरीर का निर्माण करता है।

कैंडलस्टिक्स में बताने के लिए एक कहानी है। शरीर हरा हो या लाल यह बताता है कि कीमत बढ़ी या गिरी।

हरा एक खरीदारों की बुल्स कहानी है, जो कीमत को अधिक बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। बाती (विक) उच्च को इंगित करती है, लेकिन यह कीमत अस्वीकृति को भी दर्शाता है, जब खरीदारों ने कीमत को बंद होने से पहले वापस निचे धकेल दिया था और फिर कीमतों का पीछा नहीं किया। शरीर के नीचे, नीची बाती (विक), इसके विपरीत हैं; वे खरीदारों को कम कीमतों की अस्वीकृति दिखाते हैं।

लाल कैंडलस्टिक्स बेयर की कहानी दर्शाते है और कीमतों को कम करने के लिए उनकी लड़ाई को दर्शाते हैं। उच्च और निम्न विक्स मूल्य अस्वीकृति के एक ही किस्से को बताते हैं।

रजिस्टर Olymp Trade और निशुल्क $ 10,000 प्राप्त करें Newbies के लिए $ 10,000 मुफ्त पाएं

ट्रेंड की पहचान कैसे करें

एक ट्रेंड तब होता है जब कीमतें लम्बी अवधि के लिए एक ही दिशा में चलती हैं। वे उठते हैं, गिरते हैं और पठार (प्लेटो) होते हैं, अक्सर दिशा बदलने के लिए एक बड़े बाहरी बल की आवश्यकता होती है।

A Beginner’s Guide to Technical Analysis. The Basics – Charts, Trends, Support & Resistance

ट्रेंड की पहचान करने का सबसे आम तरीका ट्रेंड लाइन्स (ऊपर लाल रेखाएं) का उपयोग उतार या चढ़ाव की एक श्रृंखला को जोड़ने के लिए है। एक बार कनेक्ट (जुड़ने) होने के बाद, यह स्थापित करना आसान होगा कि किस दिशा में परिसंपत्ति की कीमत ट्रेंड कर रही है। ये लाइनें अलग-अलग कैंडलस्टिक्स के नॉइज़ को म्यूट (बंद) करने में मदद करती हैं, जिसके परिणामस्वरूप एक परिसंपत्ति की गति की स्पष्ट रूप-रेखा बनती है।

जब अधिक कैंडल्स ट्रेंड लाइन के साथ जुड़कर आगे बढ़ते हैं, इससे मजबूत ट्रेंड बनता है।

अपट्रेंड

लाइन हायर लोज़ और/या ओपन्स को जोड़ती है – यह इंगित करता है कि कीमतें पुलबैक की ओर चढ़ना जारी है।

डाउनट्रेंड

यह लाइन निम्न ऊँचाई (लोअर हाइज़) और/या ओपन्स को जोड़ती है – यह इंगित करता है कि कीमतें लगातार पूलबेक्स की ओर गिरना जारी है।

प्लेटो

यह लाइन समान स्तर पर उतार या चढ़ाव को जोड़ती है – यह दर्शाता है कि कीमतें थोड़ी विचलन (डेविएशन) के साथ लगभग स्थिर बनी हुई हैं।

अनुभवी ट्रेडर्स जानते हैं, “ट्रेंड आपका मित्र है।” एक दीर्घकालिक अपट्रेंड रिवर्स और निचे जाने के बजाय ऊपर की ओर जारी रहने की अधिक संभावना होती है। इसलिए ट्रेंड के साथ ट्रेडिंग करने से सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

रजिस्टर Olymp Trade और निशुल्क $ 10,000 प्राप्त करें Newbies के लिए $ 10,000 मुफ्त पाएं

सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल

तकनीकी विश्लेषण में, सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल का उपयोग एक चार्ट पर मूल्य बिंदुओं की पहचान करने के लिए किया जाता है जहां संभावनाएं एक ट्रेंड के ठहराव (पॉज) या उलट (रिवर्सल) के अनुकूल हैं। सपोर्ट लेवल तब है जहां किसी परिसंपत्ति का मूल्य बार-बार गिरना बंद हो जाता है और वापस ऊपर उठ जाता है, जबकि प्रतिरोध स्तर (रेज़िस्टेंस लेवल) वह होता है जहां मूल्य बढ़ना बंद हो जाता है और नीचे गिर जाता है।

वे दीर्घकालिक बाजार मनो-भावना के प्राथमिक बैरोमीटर (मापन) हैं।

सपोर्ट (समर्थन) – जहां खरीदारों (मांग) की एकाग्रता के कारण एक डाउनट्रेंड को थमने (पॉज होने) की उम्मीद है।

रेज़िस्टेंस (प्रतिरोध) – जहां विक्रेता (आपूर्ति) की एकाग्रता के कारण एक अपट्रेंड को अंदाजन थमने (पॉज होने) की उम्मीद है।

सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल की गणना करने के कई जटिल तरीके हैं। किसी परिसंपत्ति के सपोर्ट और रेज़िस्टेंस स्तरों को निर्धारित करने का सबसे सरल तरीका ट्रेंड लाइनों के साथ है।

A Beginner’s Guide to Technical Analysis. The Basics – Charts, Trends, Support & Resistance

यद्यपि सपोर्ट और रेज़िस्टेंस लेवल ट्रेंड लाइनों से मेल खा सकते हैं, वे कीमतें बढ़ने या गिरने से रोकते हुए एकल मूल्य बिंदु पर भी हो सकते हैं।

परिसंपत्ति वास्तव में रबड़ की गेंदें होती हैं जो “फ्लोर” या सपोर्ट से बाहर उछलती हैं और “सीलिंग” या रेज़िस्टेंस को प्रतिबिंबित करती हैं।

कल्पना कीजिए कि गेंद, हवा के बीचोबीच, एक तोप के गोले में बदल जाती है। बढ़ी हुई मात्रा का अतिरिक्त बल रेज़िस्टेंस लेवल से गेंद को आगे ले जाएगा; या यह नीचे की ओर पर सपोर्ट स्तर से गेंद को क्रैश (टक्कर) कर देगा। दोनों ही तरीके से, सपोर्ट या रेज़िस्टेंस को पार करने के लिए बुल्स या बेयर में से किसी एक से अतिरिक्त बल, या उत्साह की आवश्यकता होती है।

एक प्रतिरोध स्तर (रेज़िस्टेंस) एक समर्थन (सपोर्ट) स्तर बन जाता है जब कीमतें इससे ऊपर उठती हैं और वहां मज़बूत होती हैं। एक समर्थन स्तर एक प्रतिरोध स्तर में बदल जाता है जब कीमत उसके नीचे गिर जाती है और वहां स्थिर हो जाती है। समर्थन या प्रतिरोध (सपोर्ट या रेज़िस्टेंस) स्तर का परीक्षण जितना अधिक किया जाता है, उतना ही मजबूत होता है।

हालाँकि, जब पुलबैक छोटा हो जाता है और वॉल्यूम (मात्रा) प्रत्येक उछाल के साथ बढ़ जाता है या परिसंपत्ति की मूल्य गेंद की गति को प्रतिबिंबित करता है और लाइन के पार टूटने की संभावना होती है। यह घटना दो रणनीति प्रकारों का कारण है।

ट्रेडिंग पुलबैक और ब्रेकआउट

रिबाउंड और ब्रेकआउट दो ट्रेडिंग रणनीतियाँ हैं जो ट्रेंड्स, समर्थन (सपोर्ट) और प्रतिरोध (रेज़िस्टेंस) पर आधारित हैं। दोनों ही जोखिम भरे हैं क्योंकि मूल्य गतिविधि आपकी भविष्यवाणी के विपरत हो सकती है।

A Beginner’s Guide to Technical Analysis. The Basics – Charts, Trends, Support & Resistance

पुलबैक

ट्रेड जो पुलबैक (शॉर्ट ट्रेंड रिवर्सल) से लाभ प्राप्त करते हैं, वे समर्थन या प्रतिरोध स्तरों का परीक्षण करते हैं। असल में, एक ऐसे बाजार में प्रवेश करना जिसमें एक स्थापित ट्रेंड विद्यमान है और फिर उस ट्रेंड के खिलाफ हो गया है।

एक लाभदायक पुलबैक के लिए सबसे अनुकूल तकनीकी स्थितियां एक मजबूत ट्रेंड और मजबूत समर्थन और प्रतिरोध लाइनें हैं।

उल्लेखनीय स्तर (ट्रेंड रेखाएँ, समर्थन, या प्रतिरोध स्तर) के निकट आने वाली परिसंपत्तियां लाभ के लिए सबसे अच्छा अवसर पेश करते हैं। उच्च मात्रा सहित एक शिखर या ट्रो (घाटी) में वर्टीकल मूल्य गतिविधि को निरंतर मुनाफे के लिए आवश्यक है क्योंकि यह तेजी से मूल्य गतिविधि को प्रोत्साहित करता है। यद्यपि, यही अस्थिरता जो इस प्रकार के ट्रेडिंग को लाभदायक बनाती है, इसे जोखिमपूर्ण भी बनाती है।

कीमतों में फ्लोर या सीलिंग तक पहुंचने के साथ बढ़ी हुई मात्रा के लिए ट्रेंड के खिलाफ मूल्य अस्वीकृति दर्शाते हुए लम्बे विक्स को देखें।

पुलबैक के बीच जितनी लम्बी दूरी होती है, उतना ही बड़ा पुलबैक हो सकता है। प्रत्येक पुलबैक अपना समर्थन या प्रतिरोध स्तर बनाता है, जिससे अधिक लाभदायक ट्रेड की क्षमता कम हो जाती है।

ट्रेडों को पुलबैक की संपूर्णता को भुनाने के प्रयास में कीमतों के उल्लेखनीय स्तर तक पहुँचते ही निष्पादित किया जाता है। पिछले पुलबैक उतार या चढ़ाव पर स्थापित पिछले समर्थन या प्रतिरोध का उपयोग कर के।

ब्रेकआउट

जो ट्रेड अपने समर्थन या प्रतिरोध को पार करती परिसंपत्ति से लाभ लेता है। एक ब्रेकआउट ट्रेडर कीमत रेज़िस्टेंस को पार करने के पश्चात (कीमतें निरंतर “ऊपर” जाना जारी रखेंगी) एक लंबी पोज़िशन में प्रवेश करता है या समर्थन के नीचे स्टॉक टूटने के बाद एक छोटी पोज़िशन (कीमतें “नीचे” जाना जारी रखेंगी) खोलता है।

A Beginner’s Guide to Technical Analysis. The Basics – Charts, Trends, Support & Resistance

ब्रेकआउट संभावित व्यापारिक अवसर हैं जो तब होते हैं जब किसी परिसंपत्ति की कीमत एक प्रतिरोध स्तर से ऊपर चली जाती है या वॉल्यूम (मात्रा) में वृद्धि के कारण समर्थन स्तर से नीचे गिर जाती है। एक परिसंपत्ति के उल्लेखनीय स्तर से आगे बढ़ने के बाद, अस्थिरता बढ़ जाती है, और कीमतें अक्सर ब्रेकआउट की दिशा में ट्रेंड करती हैं।

ब्रेकआउट एक महत्वपूर्ण व्यापारिक रणनीति है क्योंकि सेटअप (परिस्थिति) भविष्य की अस्थिरता में वृद्धि, कीमतों में बड़ी उतार-चढ़ाव और उल्लेखनीय मूल्य रुझानों के लिए लॉन्चपैड (शुरुवाती बिंदु) हैं। लेकिन किसी भी रणनीति की तरह, मुनाफे की गारंटी नहीं है।

सबसे पहले, ब्रेकआउट में ट्रेडिंग करते वक्त वर्तमान मूल्य ट्रेंड के साथ-साथ प्रवेश और निकास बिंदुओं की योजना बनाने के लिए समर्थन और प्रतिरोध स्तरों की पहचान करें। पुलबैक के विपरीत, ब्रेकआउट को समर्थन और प्रतिरोध लाइनों द्वारा बनाए गए चैनल की आवश्यकता होती है। इस चैनल का मतलब है कि कीमतों में दोनों अवरोधों में से एक को पार करने के पश्चात बड़ी छलांग या गिरावट की संभावना होती है।

जितना अधिक उल्लेखनीय स्तर का परीक्षण किया जाता है, उतना ही महत्वपूर्ण होता है, और आम तौर पर, जितना कमजोर हो जाता है और ब्रेकआउट की संभावना अधिक बन जाती है।

पुलबैक या ब्रेकआउट ट्रेड में से एक में प्रवेश करने के बाद, फोरेक्स में ट्रेडिंग करते दौरान यह निर्धारण करना कि बाहर कब निकलना है, यह कई कारकों पर निर्भर करता है। एक सामान्य नियम के रूप में, जब गति धीमी हो जाती है, तो मुनाफे को भुनाने के लिए ट्रेडिंगसे बाहर निकलने के लिए तैयार रहें।

दोनों में से एक रणनीति का उपयोग करते हुए Fixed Time Trades निष्पादित करते समय, अस्तव्यस्तता को न्यून करने और कैंडल की गति का पूर्ण लाभ लेने हेतु ट्रेड अवधि को चार्ट के समय अंतराल के समान निर्धारित करें।

रजिस्टर Olymp Trade और निशुल्क $ 10,000 प्राप्त करें Newbies के लिए $ 10,000 मुफ्त पाएं

ट्रेंड आपका मित्र है

तकनीकी विश्लेषण एक परिसंपत्ति के लिए आगामी मूल्य गतिविधि का निर्धारण करने के लिए चार्ट आंकड़े का उपयोग करने का अभ्यास है। चार्ट्स, ट्रेंड्स, समर्थन और प्रतिरोध (सपोर्ट एंड रेज़िस्टेंस) स्तरों को जानने से ट्रेडरों को यह समझने में मदद मिलती है कि सिक्योरिटी की कीमत में कैसी गतिविधि हुई है और भविष्य के संभावित कदम क्या होंगे।

तकनीकी ट्रेडर्स विभिन्न रणनीतियों के निर्माण हेतु इन बुनियादी उपकरणों का उपयोग करते हैं। पुलबैक और ब्रेकआउट दो मूल प्रकार की तकनीकी रणनीतियाँ हैं जो इन मूल अवधारणाओं से लाभ प्राप्त करने के लिए उपयोग होते हैं। याद रखें, जितना ज़्यादा ध्यान एक नोटेबल (उल्लेखनीय) लेवल को मिलता है, उतना ही महत्वपूर्ण और टूटने (ब्रेकडाउन) की संभावना होती है।

तकनीकी विश्लेषण एक कौशल है जिसमें अध्ययन और अभ्यास की आवश्यकता होती है। इन रणनीतियों के साथ परिचित होने के लिए अपने डेमो खाते का उपयोग करें और मुनाफा कमाने के लिए तैयारी करें।

English Indonesia Português Tiếng Việt العربية ไทย

तकनीकी विश्लेषण के लिए नौसिखियों के मार्गदर्शक (गाइड)
4.0 (80%) 131 reviews